ब्लेक होल का रहस्य !

ब्लेक होल विवर शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र वाली कोई ऐसी खगोलीय वस्तु होती है जिसके खिंचाव से प्रकाश  – सहित कुछ भी न बच सके । कालेछिद्र के चारों ओर घटना क्षितिज नामक एक सीमा होती है जिसमें वस्तुएं गिर तो सकती हैं परंतु बाहर कुछ नहीं आ सकता । इसे ब्लेक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है और कुछ भी परावर्तित नहीं करता । यह ऊष्मागतिकी में ठीक एक आदर्श ब्लेकबॉडी की तरह है । कालेछिद्र का क्वांटम विश्लेषण यह दर्शाता है कि उसमें तापमान और हॉकिंग विवरण होता है । अपने अदृश्य भीतरी भाग के बावजूद , एक कालाछिंद्र अंत क्रिया के माध्यम से अपनी उपस्थिति प्रकट कर – सकता है   |

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