मुन्ना बजरंगी के दिमाग का जरायम की दुनिया में सभी थे कायल…..

रिपोर्ट –  वारीन्द्र पाण्डेय

मुन्ना के दिमाग का जरायम की दुनिया में सभी थे कायल

जब नौ गोलियां सीने पर खाकर भी बच गया था बजरंगी

राठी ने बजरंगी के स्टाईल में ही  दिया घटना को अंजाम

आठ साल तक खाक छानती रही पाँच प्रदेशों की पुलिस

अत्याधुनिक असलहो से हत्याएं करने का माहिर था मुन्ना बजरंगी

कभी पाँच प्रदेशों की पुलिस की में दम कर चुके 12 लाख रुपये के इनामी अपराधी रह चुके माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी का  आखिरकार बागपत जिला जेल में सोमवार को उसकी स्टाइल में ही हत्या कर दी गयी जिससे न सिर्फ अपराध जगत में बल्कि पूरे पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। गौरतलब है कि माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी का गैंग न सिर्फ पूर्वांचल में बल्कि दिल्ली, बिहार, हरियाणा व मुम्बई में भी काम कर रहा था। इस हत्याकांड से पूरे देश में सनसनी मची हुई है। जिले के रामपुर ब्लाक के सुरेरी थाना क्षेत्र के पूरेदयाल गांव निवासी स्व. पारसनाथ सिंह के चार पुत्रों में से एक प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी का जन्म 1967 में हुआ था और उसने पाँचवीं तक की पढ़ाई की थी तभी उसने जरायम की दुनिया में कदम रख दिया। उसके खिलाफ पहला मुकदमा व 25 आम्र्स एक्ट का स्थानीय थाने में दर्ज हुआ और वो जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा। यहां से निकलने के बाद मुन्ना बजरंगी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और स्थानीय बाहुबली नेता गजराज सिंह के संरक्षण में आकर एक के बाद एक मुन्ना बजरंगी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा। 1984 में पहली बार उसने एक व्यापारी की हत्या लूट के इरादे से की उसके बाद 1997 में स्थानीय रामपुर थाना क्षेत्र में जमालापुर बाजार में सरेआम तत्कालीन ब्लाक प्रमुख कैलाश दुबे, राजकुमार सिंह व बांके लाल की उस समय एके 47 से हत्या कर दी जब वे बाजार में एक चाय की दुकान पर बैठे थे जिसके बाद मुन्ना बजरंगी का नाम न सिर्फ पूरे पूर्वांचल में बल्कि प्रदेश की सुर्खियों में बन गया। 1990 में पूर्वांचल के बाहुबली नेता व मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी के सम्पर्क में आते ही मुन्ना बजरंगी का कद धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता गया और 1997 में उसको दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 1998 में पेशी के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद बॉर्डर पर इंदिरापुरम् के पास पुलिस मुठभेड़ में मुन्ना बजरंगी को नौ गोलियां लगी थी और उसे मृत समझकर पुलिस के आलाधिकारी पोस्ट मार्टम के लिए ले गये थे तभी डॉक्टरों ने उसकी सांसें चलती देख अस्पताल ले गये जहां इलाज के बाद मुन्ना बजरंगी पूरी तरह ठीक हो गया। मुन्ना बजरंगी के सीने में तब भी एक गोली निकाली नहीं जा सकी थी। इसी के बाद 1999 में पेशी के दौरान मुन्ना बजरंगी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था तभी से कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में उसका नाम आने लगा और उसका गैंग भी सक्रिय होने लगा तब तीन प्रदेशों की पुलिस ने पाँच लाख से लेकर 12 लाख रुपये तक इनाम उस पर घोषित कर रखा था। 25 नवम्बर 2005 को भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित 9 लोगों की हत्या उस समय कर दी जाती है जब वे क्रिकेट मैच का उद्घाटन करने गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र के बसनिया पुलिया के पास पहुंचे थे। उनके काफिले पर एके 47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया गया जिसमें विधायक कृष्णानंद राय सहित नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी थी। इस हत्याकांड में मुन्ना बजंरगी का नाम आते ही पूरे देश की सुर्खियों में उसका नाम आने लगा। मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी पर भी यह आरोप लगा कि उन्होंने अपने चहेते शूटर मुन्ना बजरंगी से इस हत्याकांड को अंजाम दिलाया है। इसी दौरान मुन्ना बजरंगी लगातार फरार चलता रहा और 29 अक्टूबर 2009 को आखिरकार दिल्ली पुलिस ने मुन्ना बजरंगी को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि मुन्ना को अपने इनकाउंटर का डर सता रहा था इसलिए उसने खुद ही योजना के तहत दिल्ली पुलिस से अपनी गिरफ्तारी करायी थी। तभी से वो 40 से ज्यादा हत्याओं, रंगदारी, अपहरण, फिरौती, लूट जैसी संगीन अपराधिक घटनाओं के मामले में जेल में बंद चल रहा था और जौनपुर, वाराणसी, दिल्ली,
मुंबई सहित कई जिलों में उसके मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। वर्ष 2012 में मुन्ना बजरंगी ने मड़ियाहूं विधानसभा सीट से अपना भाग्य आजमाया था जहां वो तीसरे नम्बर पर था। 2017 के विधानसभा चुनाव में मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने अपना दल कृष्णा गुट के टिकट पर भाग्य आजमाया पर उन्हें वो विधानसभा चुनाव में करारी हार मिली। कहा जाता है कि मुन्ना बजरंगी अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाने के लिए बड़ी साजिशों को अंजाम देता था। खास तौर पर जेल में बंद अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाने के लिए बजरंगी के दिमाग के सभी कायल थे। जौनपुर जिला जेल में भाजपा नेता रामचंदर सिंह को गोलियों से भूना था तो वहीं 2003 में वाराणसी में सभासद वंशी यादव की हत्या भी जिला जेल में अन्नू त्रिपाठी के द्वारा कराकर सुर्खियां बटोरी थी। यही नहीं खुद अन्नू त्रिपाठी को सेंट्रल जेल में कुख्यात अपराधी किट्टू गुप्ता द्वारा उस वक्त मौत की नींद सुला दिया जब वो जेल में ही अपनी जन्मदिन की पार्टी मना रहा था। 2013 में वाराणसी में डिप्टी जेलर अनिल त्यागी के हत्याकांड में भी मुन्ना बजरंगी का नाम सामने आया था। यही वजह थी कि मुन्ना बजरंगी के नाम पर रंगदारी वसूलने वालों की लंबी फेहरिस्त पूरे प्रदेश में बनी थी। हाल के दिनों में नगर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. रजनीश श्रीवास्तव से भी दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था जिसमें एसटीएफ ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर 50 लाख रुपये की रकम भी बरामद की थी। फिलहाल मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने 29 जून को ही अपने पति की हत्या व एसटीएफ पर यह आरोप लगाया था कि वे उसका फर्जी इनकाउंट कर सकते है। आज मुन्ना की हत्या के बाद परिवारवालों ने एक बार फिर साजिश की बात की है । और पूरे मामले की सीबीआई जांच करने की मांग योगी सरकार से की है ।

About Mohd. Akram

Mohd. Akram

Check Also

सीपीएस में विज्ञान प्रदर्शनी का किया गया आयोजन

फतेहपुर। शनिवार को शहर के चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में शैक्षिक अभिभावक गोष्ठी और विज्ञान प्रदर्शन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

25 हजार के इनामी अपराधी सहित पांच बाइक चोर गिरफ्तार …     |     पुलिस को आठ बाइक बरामद करने में मिली भारी सफलता     |     संगठन के संस्थापक की पुण्यतिथि पर प्रधानों ने दी श्रद्धाजली     |     सीपीएस में विज्ञान प्रदर्शनी का किया गया आयोजन     |     पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, चार गिरफ्तार     |     गैंगरेप के बाद बालिका की हत्या का खुलासा,आरोपियों के परिजनों ने किया हंगामा     |     ई-रिक्शा पर किसान के साथ हुयी पचास हजार की टप्पेबाजी लोक अदालत में लोन की किस्त जमा करने जा रहा था भुक्तभोगी     |     विज्ञान प्रदर्शनी का जिलाधिकारी ने अवलोकन कर बच्चों की प्रतिभा को सराहा     |     पूर्व सांसद के जनता दरबार में लक्ष्मी काटसिन मिल के श्रमिक पहुच लगायी गुहार     |     जनपद से जन आक्रोश रैली के लिये पांच हजार कार्यकर्ता करेगें कूच-जगनायक     |